श्री Sat bada dev जी देवता ने बहा दी दूध की गंगा
सुकेत रियासत के 51 थड़ों के अधिपति हैं। देवता की हार करसोग से लेकर सलापड़ तथा कनैड से त्रिफालघाट, सुंदरनगर शहर देवहारी के अंतर्गत आता है।
सुकेत रियासत के 51 थड़ों के अधिपति हैं। देवता की हार करसोग से लेकर सलापड़ तथा कनैड से त्रिफालघाट, सुंदरनगर शहर देवहारी के अंतर्गत आता है।
History of Dev Bala Tikka Shilhi Latogali Suket लटोगली गांव में एक पेड़ के नीचे गाय प्रतिदिन दूध देने जाती थी। गाय के प्रतिदिन ऐसा करने
कितना बदनसीब है महामाया पाँगणा का यह सिँहासन जिसकी सैँकडो वर्षोँ तक सुकेत की राजधानी के रूप मे विख्यात पाँगणा के कलात्मक छ: मञ्जिले देवी कोट की छठी मञ्जिल मे पूजा अर्चना होती रही
राजस्थान के सीकर जिले में श्री खाटू श्याम जी का सुप्रसिद्ध मंदिर है. वैसे तो खाटू श्याम बाबा के भक्तों की कोई गिनती नहीं लेकिन इनमें
हिमाचल, देवी देवताओं की भूमि है और यहां की हवा में कई रोचक कहानियां छुपी हैं। ये कहानी है कोयला माता मंदिर की ,इस मंदिर की
मंडी जिला मुख्यालय से लगभग सात कि.मी. दूर रुंझ गांव में Dev Budha Bingal का प्राचीन मंदिर स्थित है जो कि सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ
History of Badu Bada dev सुकेत के इतिहासकारों के अनुसार सुकेत का प्रथम पराक्रमी राजा था Badu bada dev अपनी वीरता तथा पश्चिमी हिमालया के अनेक
51 शक्तिपीठों में से एक कामाख्या शक्तिपीठ(kamakhya Saktipeeth) बहुत ही प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। कामाख्या देवी( Kamakhya devi ) का मंदिर अघोरियों और तांत्रिकों का
सर्वोच्च शक्ति केंद्र Sikari यूँ तो Sikari mata का नाम प्रसिद्ध है पर Sikari Jogani का इतिहास उतना ही गूढ़ रहस्यों से ढका हुआ है इतिहास








सुकेत रियासत के 51 थड़ों के अधिपति हैं। देवता की हार करसोग से लेकर सलापड़ तथा कनैड से त्रिफालघाट, सुंदरनगर शहर देवहारी के अंतर्गत आता है।
History of Dev Bala Tikka Shilhi Latogali Suket लटोगली गांव में एक पेड़ के नीचे गाय प्रतिदिन दूध देने जाती थी। गाय के प्रतिदिन ऐसा करने
कितना बदनसीब है महामाया पाँगणा का यह सिँहासन जिसकी सैँकडो वर्षोँ तक सुकेत की राजधानी के रूप मे विख्यात पाँगणा के कलात्मक छ: मञ्जिले देवी कोट की छठी मञ्जिल मे पूजा अर्चना होती रही
राजस्थान के सीकर जिले में श्री खाटू श्याम जी का सुप्रसिद्ध मंदिर है. वैसे तो खाटू श्याम बाबा के भक्तों की कोई गिनती नहीं लेकिन इनमें
हिमाचल, देवी देवताओं की भूमि है और यहां की हवा में कई रोचक कहानियां छुपी हैं। ये कहानी है कोयला माता मंदिर की ,इस मंदिर की
मंडी जिला मुख्यालय से लगभग सात कि.मी. दूर रुंझ गांव में Dev Budha Bingal का प्राचीन मंदिर स्थित है जो कि सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ
History of Badu Bada dev सुकेत के इतिहासकारों के अनुसार सुकेत का प्रथम पराक्रमी राजा था Badu bada dev अपनी वीरता तथा पश्चिमी हिमालया के अनेक
51 शक्तिपीठों में से एक कामाख्या शक्तिपीठ(kamakhya Saktipeeth) बहुत ही प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है। कामाख्या देवी( Kamakhya devi ) का मंदिर अघोरियों और तांत्रिकों का
सर्वोच्च शक्ति केंद्र Sikari यूँ तो Sikari mata का नाम प्रसिद्ध है पर Sikari Jogani का इतिहास उतना ही गूढ़ रहस्यों से ढका हुआ है इतिहास