Kamaksha temple Jaidevi, Sunder Nagar Mandi
Jaidevi temple is situated in Jaidevi village at Kaulghard of Suket State, which is famous for its miracles and beliefs. Jai Devi Bhagwati is the family
Jaidevi temple is situated in Jaidevi village at Kaulghard of Suket State, which is famous for its miracles and beliefs. Jai Devi Bhagwati is the family
Bhadrakali temple is also oldest deity in Suket State. Which is famous for its believes. it Situated in muhal Khurahal Slapper Sunder nagar. History of Bharari Devi
आप सब कभी न कभी मंडी के प्रसिद्ध पंचवक्त्र महादेव मंदिर गए होंगे। और अगर नहीं भी गए तो शायद इंस्टाग्राम या किसी और सोशल मीडिया
सरकीधर नैना देवी मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है, जहाँ से ऊपर का नज़ारा अद्भुत है, साफ़ मौसम में यहाँ से हिमालय की अधिकांश पर्वतमालाएँ
देवता का मंदिर शिवाबदार के स्प्रेई गांव में स्थित है और इन्हें श्री देव भैरव शिवजी का 5वां अंश माना गया है। जिला मुख्यालय मंडी से
देव वैणी का गहरी का मूल स्थान तहसील औट के गांव बयागी में है जो मंडी जिला मुख्यालय से 62 किलोमीटर दूर है। देवता की मान्यता
देली जालपा की कोठी तहसील थलौट के स्तूनधार में स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय मंडी से सड़क मार्ग द्वारा 70 किलोमीटर तथा
मंडी जिला के सनोर क्षेत्र में पनारसा के समीप किगस गांव में यह मंदिर स्थित है। जिला मुख्यालय से दूरी लगभग 60 कि.मी. है और लगभग
देवी श्री जालपा मां भगवती गांव प्रौल, डाकघर बालू, तहसील औट में स्थापित हैं। मैया रानी के मन्दिर कोठी से जिला मुख्यालय मण्डी तक की दूरी







Jaidevi temple is situated in Jaidevi village at Kaulghard of Suket State, which is famous for its miracles and beliefs. Jai Devi Bhagwati is the family
Bhadrakali temple is also oldest deity in Suket State. Which is famous for its believes. it Situated in muhal Khurahal Slapper Sunder nagar. History of Bharari Devi
आप सब कभी न कभी मंडी के प्रसिद्ध पंचवक्त्र महादेव मंदिर गए होंगे। और अगर नहीं भी गए तो शायद इंस्टाग्राम या किसी और सोशल मीडिया
सरकीधर नैना देवी मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है, जहाँ से ऊपर का नज़ारा अद्भुत है, साफ़ मौसम में यहाँ से हिमालय की अधिकांश पर्वतमालाएँ
देवता का मंदिर शिवाबदार के स्प्रेई गांव में स्थित है और इन्हें श्री देव भैरव शिवजी का 5वां अंश माना गया है। जिला मुख्यालय मंडी से
देव वैणी का गहरी का मूल स्थान तहसील औट के गांव बयागी में है जो मंडी जिला मुख्यालय से 62 किलोमीटर दूर है। देवता की मान्यता
देली जालपा की कोठी तहसील थलौट के स्तूनधार में स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय मंडी से सड़क मार्ग द्वारा 70 किलोमीटर तथा
मंडी जिला के सनोर क्षेत्र में पनारसा के समीप किगस गांव में यह मंदिर स्थित है। जिला मुख्यालय से दूरी लगभग 60 कि.मी. है और लगभग
देवी श्री जालपा मां भगवती गांव प्रौल, डाकघर बालू, तहसील औट में स्थापित हैं। मैया रानी के मन्दिर कोठी से जिला मुख्यालय मण्डी तक की दूरी