देव बरनाग वणसारी
मंडी जिला की सनोर घाटी की औट तहसील के शनोड़ गांव में देव बरनाग/वणसारी का भंडार है। मंडी जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर इस
मंडी जिला की सनोर घाटी की औट तहसील के शनोड़ गांव में देव बरनाग/वणसारी का भंडार है। मंडी जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर इस
सनोर घाटी के भटवाड़ी गांव में तहसील औट के अंतर्गत देवता का प्राचीन मंदिर अवस्थित है। जिला मुख्यालय से लगभग 63 कि.मी. दूर इस मंदिर के
जिला मुख्यालय मंडी से लगभग 45 कि.मी. दूर गाँव वक्ष, डाकघर देऊरी में ऋषि शुकदेव जी का मंदिर स्थित है। History of Rishi Shukdev Thatta जनश्रुति
बालीचौकी क्षेत्र के महोगी के समीप शारटी गांव में देवता का स्थान है। यह गांव मंडी जिला मुख्यालय से लगभग 30 कि.मी. सड़क मार्ग की दूरी
मंडी जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर तल्याहड़ पंचायत के मानथला गांव के देवधार नामक स्थान पर देव बाला कामेश्वर का मंदिर और भंडार स्थित
देवी की कोठी गांव पब, तहसील औट में स्थित है, जहां तक पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय मंडी से 90 • किलोमीटर सड़क मार्ग तथा 10
देवी मन्दोदरी का मंदिर गांव पराशर, डाकघर बाहन्दी में है। जिला मुख्यालय से लगभग 50 कि0मी0 दूर प्रकृति की गोद में एक सुरम्य स्थान पर माता
बग्गी-गोहर सड़क पर गांव बग्गी से लगभग 3 कि.मी. की दूरी पर पाघरू कलवाड़ी गांव में देवता कांढलू बाला कामेश्वर का भण्डार (कोठी) है, जबकि कलवाड़ी
माँ भराड़ी भद्रकाली जी को वर्षा कराने, संतान प्राप्ति, बीमारियों से मुक्ति, और काले जादू से बचाव के लिए पूजा जाता है। भगवती को माता काली






सनोर घाटी के भटवाड़ी गांव में तहसील औट के अंतर्गत देवता का प्राचीन मंदिर अवस्थित है। जिला मुख्यालय से लगभग 63 कि.मी. दूर इस मंदिर के
जिला मुख्यालय मंडी से लगभग 45 कि.मी. दूर गाँव वक्ष, डाकघर देऊरी में ऋषि शुकदेव जी का मंदिर स्थित है। History of Rishi Shukdev Thatta जनश्रुति
बालीचौकी क्षेत्र के महोगी के समीप शारटी गांव में देवता का स्थान है। यह गांव मंडी जिला मुख्यालय से लगभग 30 कि.मी. सड़क मार्ग की दूरी
मंडी जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर तल्याहड़ पंचायत के मानथला गांव के देवधार नामक स्थान पर देव बाला कामेश्वर का मंदिर और भंडार स्थित
देवी मन्दोदरी का मंदिर गांव पराशर, डाकघर बाहन्दी में है। जिला मुख्यालय से लगभग 50 कि0मी0 दूर प्रकृति की गोद में एक सुरम्य स्थान पर माता
बग्गी-गोहर सड़क पर गांव बग्गी से लगभग 3 कि.मी. की दूरी पर पाघरू कलवाड़ी गांव में देवता कांढलू बाला कामेश्वर का भण्डार (कोठी) है, जबकि कलवाड़ी
माँ भराड़ी भद्रकाली जी को वर्षा कराने, संतान प्राप्ति, बीमारियों से मुक्ति, और काले जादू से बचाव के लिए पूजा जाता है। भगवती को माता काली