हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बदर (Badar) क्षेत्र में माँ बूढ़ी बच्छवारण जी ( Budhi Bachwaran ) को सात दिव्य देवियों में से एक के रूप में पूजा जाता है । स्थानीय मान्यता के अनुसार, ये देवि ऋषि पराशर की पोतियां मानी जाती हैं। आध्यात्मिक रूप से, माता बूढ़ी बच्छवारण को शांति और मानसिक स्थिरता की रक्षकके रूप में पूजा जाता है ।

History of Budhi Bachwaran Badar
इस क्षेत्र में देवी का प्रभाव 60 से अधिक गांवों में फैला हुआ है, जबकि उनका प्राचीन पैतृक मंदिर एक नदी के किनारे स्थित था। पुराने स्थल की जर्जर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय भक्तों और मंदिर समिति ने बधार घाटी के पांडोह के पास एक सुंदर नया मंदिर बनवाया और एक पवित्र मूर्ति स्थापित की । नवनिर्मित मंदिर को जनता के लिए आधिकारिक रूप से खोलने के लिए एक भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त, उनका एक और प्रसिद्ध मंदिर थाची क्षेत्र के मसाद गांव में स्थित है।

इस माता का मंदिर मंडी जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर है। यह अपने अनुयायियों के साथ शिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने आती हैं। इनके प्रांगण में हर साल 2 बार मेला लगता है। इन माता को सुख, शांति बनाए रखने वाली माना गया है।
Conclusion
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